जिंदगी के सफ़र मे हर कोई एक बार अकेला हो जाता है,
मंजील की तलाश मे किसी अपने को पीछे छोड़ जाता है,
रह जाती है, उसकी यादें सिर्फ दिल के साथ,
जब भी होता है तनहाइयों के साथ अकेला ,
पता नहीं क्यों आंसुओं का आँखों के साथ एक रिश्ता जुड़ जअत है,
दिल बहुत रोता है, याद करके उन्हें तनहाइयों मे,
ये रिश्ता और भी गहरा हो जाता है,
दिल की दुआ है की वो कुश रहे हमेशा,
इन आसुओं के साथ एक प्यारी से मुस्कराहट का एहसास हो जाता है,
जब भी याद करते है ,उन्हें
आसुओं के साथ एक प्यारी मुस्कराहट साथ होती है,
हर पल हर वक़्त उनकी याद हमेशा साथ होती है ,
जितना भी दूर जाने की कोशिश करे,
उतना ही वो दिल के और नज़दीक होती है,
ये हवाएँ तुम्हारे नज़दीक होने का एहसास दिलाती है ,
पता नहीं क्यों हर बार कुछ न कुछ कह जाती है,
यू तो साथ नहीं हो तुम मेरे,
पर साथ होने का एहसास करा जाती है ,
जिंदगी मे कुछ तमनना नहीं है ,
सिवाय तुम्हारी कुशी के ,
जीता रहू ज़िन्दगी सिवाय एक दर्द के,
काश! जी लेता कुछ और पल तुम्हारे साथ ज़िन्दगी के।
wrote on 29/09/09
Time: 2:15 am place:: Mumbai.
Sunday, April 25, 2010
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